15 जून 2026 को क्या है?
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15 जून 2026 को क्या है? | 15 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

15 जून 2026 का दिन आपके लिए धार्मिक रूप से कितना खास हो सकता है? इस दिन की तिथि, नक्षत्र और पंचांग से जुड़ी जानकारी यहां दी गई है, जिससे आप दिन के शुभ समय और धार्मिक महत्व को आसानी से समझ सकते हैं।

15 जून 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 15 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 15 जून 2026, सोमवार के दिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है (सुबह 8:24 AM तक)। इस दिन ज्येष्ठ अमावस्या, अधिक मास समाप्ति और मिथुन संक्रांति का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे पितरों की शांति, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना गया है। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का महत्व भी इस दिन कई गुना बढ़ जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष अमावस्या – 8:24 AM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: मृगशिरा – 7:09 PM तक
  • योग: शूल – 8:55 AM तक
  • करण: नाग – 8:24 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: दक्षिण

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:32 AM से 12:26 PM
  • राहुकाल: 6:51 AM से 8:34 AM
  • गुलिक काल: 1:42 PM से 3:25 PM
  • यमघण्ट काल: 10:16 AM से 11:59 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:08 AM
  • सूर्यास्त: 6:50 PM
  • चंद्रोदय: 4:52 AM
  • चंद्रास्त: 7:25 PM

धार्मिक महत्व

15 जून 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान, पीपल पूजा और जरूरतमंदों को दान करने से पितृ दोष शांत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना भी अत्यंत फलदायी मानी गई है। मिथुन संक्रांति का संयोग इस दिन को और भी विशेष बना रहा है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ एवं सात्विक वस्त्र धारण करें।
  • पितरों का स्मरण कर तर्पण और जल अर्पित करें।
  • भगवान शिव का ध्यान कर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
  • पीपल वृक्ष की पूजा कर दीपक जलाएं।
  • “ॐ नमः शिवाय” और पितृ मंत्रों का जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करें।
  • शाम के समय भगवान शिव की आरती कर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।

निष्कर्ष

15 जून 2026 का दिन पितृ तर्पण, दान-पुण्य और भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ज्येष्ठ अमावस्या, मिथुन संक्रांति और सोमवार का यह विशेष संयोग इस दिन को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए पूजा-पाठ और दान से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·June 15, 2026

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