15 अप्रैल 2026 को क्या है?
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15 अप्रैल 2026 को क्या है? | 15 April 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ समय। इस दिन के ग्रह-नक्षत्र, तिथि और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

आज के दिन के बारे में

15 अप्रैल 2026 सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि शुभ अवसरों का दिन है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति इसे पूजा और छोटे-छोटे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बनाती है। जानिए कैसे इस दिन को सबसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।

15 अप्रैल 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 15 अप्रैल 2026 को कौन-कौन से पंचांग योग, शुभ-अशुभ समय और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति बन रही है? 15 अप्रैल 2026, बुधवार के दिन वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है (रात 10:32 PM तक)। यह दिन धार्मिक दृष्टि से पूजा-पाठ, दान और विशेष साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी – रात 10:32 PM तक
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद – दोपहर 3:23 PM तक
  • योग: ब्रह्मा – दोपहर 1:26 PM तक
  • करण: गर – सुबह 11:22 AM तक
  • मास (अमांत): चैत्र
  • मास (पूर्णिमांत): वैशाख
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मेष
  • चंद्र राशि: कुम्भ
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: पश्चिम

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:34 AM से 12:24 PM
  • राहुकाल: 11:59 AM से 1:35 PM
  • गुलिक काल: 10:23 AM से 11:59 AM
  • यमघण्ट काल: 7:12 AM से 8:48 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:37 AM
  • सूर्यास्त: 6:21 PM
  • चंद्रोदय: 3:57 AM
  • चंद्रास्त: 4:15 PM

इस दिन का धार्मिक महत्व

15 अप्रैल 2026 का दिन त्रयोदशी तिथि के कारण विशेष महत्व रखता है। यह तिथि भगवान शिव की पूजा और आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव का जलाभिषेक, मंत्र जाप और ध्यान करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। इसके साथ ही, इस दिन साधना और आत्मचिंतन करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में संतुलन बना रहता है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव का जलाभिषेक करें और बिल्व पत्र अर्पित करें।
  • "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
  • दिनभर सात्विक आहार ग्रहण करें और संयम रखें।
  • जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।
  • शाम के समय दीपक जलाकर भगवान का स्मरण करें।

15 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, विशेषकर त्रयोदशी तिथि के कारण। इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ और साधना करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·April 15, 2026

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