
जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।
12 फरवरी 2026 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पड़ती है। इस तिथि का विशेष महत्व व्रत और धार्मिक नियमों से जुड़ा माना जाता है। इस लेख में 12 फरवरी 2026 के दिन पड़ने वाली तिथि और उससे संबंधित जरूरी जानकारियां।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 12 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत, त्योहार और धार्मिक घटनाएँ हैं और यह दिन आध्यात्मिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 12 फरवरी 2026, गुरुवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती मनाई जाती है। दशमी तिथि धर्म, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है, वहीं गुरुवार का दिन गुरु, ज्ञान और बृहस्पति देव से जुड़ा माना जाता है।
1. महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती
महर्षि दयानंद सरस्वती आर्य समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक थे। उन्होंने वेदों की ओर लौटने, सत्य, शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया। इस दिन उनके विचारों का स्मरण करना और जीवन में अपनाना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
गुरुवार के दिन गुरुजनों और बृहस्पति देव का पूजन करें।
महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों का पाठ या स्मरण करें।
पीली वस्तुओं (चना दाल, हल्दी, वस्त्र) का दान करें।
सत्य, संयम और सदाचार का पालन करें।
12 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक, वैचारिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। फाल्गुन कृष्ण दशमी और महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती का संयोग सत्य, ज्ञान और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस दिन श्रद्धा और सद्कर्म से किया गया कार्य जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ समय और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन का धार्मिक महत्व, तिथि और विशेष योग की जानकारी यहां पढ़ें।

जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक महत्व और तिथि से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से जानें।

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