11 मार्च 2026 को क्या है?
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11 मार्च 2026 को क्या है? | 11 March 2026 Ko Kya Hai

जानिए मार्च माह के ग्यारहवें दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व।

आज के दिन के बारे में

11 मार्च 2026 की तारीख भी हिंदू पंचांग में खास महत्व रखती है। फाल्गुन मास में आने वाला यह दिन व्रत, पूजा और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा माना जाता है। इसलिए कई लोग इस दिन के व्रत-पर्व और तिथि की जानकारी जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं 11 मार्च 2026 को क्या है।

11 मार्च 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 11 मार्च 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 11 मार्च 2026, बुधवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन बसोड़ा, शीतला अष्टमी, कालाष्टमी और वर्षी तप आरम्भ जैसे महत्वपूर्ण पर्व और आयोजन होते हैं। यह दिन विशेष रूप से माता शीतला और अन्य देवी-देवताओं की पूजा के लिए शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी – सुबह 4:20 AM तक
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा – रात 10:01 PM तक
  • योग: वज्र – सुबह 9:13 AM तक
  • करण: बालव – दोपहर 3:07 PM तक
  • मास (अमांत): फाल्गुन
  • मास (पूर्णिमांत): चैत्र
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: कुम्भ
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्यौहार व व्रत

बसोड़ा और शीतला अष्टमी

इस दिन माता शीतला की विशेष पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन की पूजा और उपवास से परिवार में स्वास्थ्य, सुख और रोगों से सुरक्षा की प्राप्ति होती है।

कालाष्टमी और वर्षी तप आरम्भ

कालाष्टमी का व्रत विशेष रूप से शनि और अन्य ग्रहों की कृपा प्राप्ति के लिए किया जाता है। वर्षी तप आरम्भ से साधना और आत्मशुद्धि के कार्य प्रारंभ होते हैं।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:46 AM से 12:32 PM
  • राहुकाल: 12:09 PM से 1:38 PM
  • गुलिक काल: 10:40 AM से 12:09 PM
  • यमघण्ट काल: 7:41 AM से 9:11 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:12 AM
  • सूर्यास्त: 6:06 PM
  • चंद्रोदय: 12:28 AM
  • चंद्रास्त: 10:53 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • माता शीतला और अन्य देवी-देवताओं के सामने दीपक और धूप जलाएँ।

  • व्रत और उपवास करते समय संयम और भक्ति का पालन करें।

  • जरूरतमंदों को दान करें और घर में पवित्र वातावरण बनाएँ।

निष्कर्ष

11 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है। शीतला अष्टमी, बसोड़ा और कालाष्टमी के अवसर पर की गई पूजा और व्रत जीवन में स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया व्रत परिवार और समाज में सुख-शांति लाता है।

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Published by Sri Mandir·March 10, 2026

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